जैसलमेर के बारे में सम्पूर्ण जानकरी | जैसलमेर की स्थापन किसने की | जैसलमेर दुर्ग के प्रसिद्ध ढाई साके निम्न हैं | All about Jaisalmer

आज हम आपको जैसलमेर के बारे में कुछ विशेष महत्तवपूर्ण जानकारी देंगे तो आर्टिकल को पूरा पड़े 
धन्यवाद 🙏

जैसलमेर कहा स्थित है ⏩ जेसेलमेर भारत देश के राजस्थान राज्य मे पश्चिम मे स्थित हैं 

  जैसलमेर की स्थापन किसने की⏩'स्वर्णनगरी' व 'म्यूजियम सिटी' के उपनाम से विख्यात जैसलमेर शहर 1155-56 ई. में राव जैसल द्वारा बसाया गया।

Note 🚫 जैसलमेर के बारे में यह कहावत प्रचलित है कि यहाँ पत्थर के पैर, लोहे का शरीर और काठ के घोड़े पर सवार होकर ही पहुँचा जा सकता है।

• रामदेवरा

• सालिम सिंह की हवेली

• पटवों की हवेली

• लौद्रवा

• राष्ट्रीय मरु उद्यान

• गडसीसर सरोवर

• सोनारकिला/सोनारगढ़ (धान्वन दुर्ग)

इन सब के बारे में जाने👇👇👇👇👇

• रामदेवरा: पोकरण के निकट रुणेचा कस्बे में बाबा रामदेव का प्रसिद्ध तीर्थस्थल ।

• सालिम सिंह की हवेली: जैसलमेर के प्रधानमंत्री सालिम सिंह द्वारा 18वीं शती में निर्मित्त यह हवेली अपनी पत्थर की नक्काशी व महीन जालियों के लिए प्रसिद्ध है।

• पटवों की हवेली: यह हवेली अपनी नक्काशी व पत्थर में बारीक कटाई के लिए प्रसिद्ध है।

• लौद्रवा: जैसलमेर की स्थापना से पूर्व जैसलमेर के भाटी राजाओं की राजधानी था।

• राष्ट्रीय मरु उद्यान: वन्य जीव अभ्यारण्य व आकल वुड फोसिल पार्क यहीं हैं।

• गडसीसर सरोवर: जैसलमेर के इस सरोवर का निर्माण रावल गड़सी के शासनकाल में सन् 1340 में करवाया गया। और साथ ही इस– इस कृत्रिम सरोवर का मुख्य प्रवेश द्वार 'टीलों की पिरोल' के रूप में विख्यात और व्याख्या सहित है।

• सोनारकिला/सोनारगढ़ (धान्वन दुर्ग): रावल जैसल द्वारा सन् 1155 में निर्मित्त यह गहरे पीले रंग के पत्थरों से निर्मित्त त्रिकूटाकृति का किला है। दुर्ग का दोहरा परकोटा कमरकोट कहलाता है। 99 बुर्जों वाला यह विशाल किला अंगड़ाई लेते हुए सिंह के समान प्रतीत होता है। यह बिना चूने के सिर्फ पत्थर पर पत्थर रखकर निर्मित्त किया गया है।

जैसलमेर दुर्ग के प्रसिद्ध ढाई साके निम्न हैं:

1. 1312-13 ई. में अलाउद्दीन खिलजी व भाटी शासक मूलराज के मध्य युद्ध। 2. दिल्ली के सुल्तान फिरोजशाह तुगलक व रावल दूदा के मध्य युद्ध ।

3. तीसरा 'अर्द्ध साका' (1550 ई.) : जैसलमेर के राव लूणकरण व कंधार के राज्यच्युत शासक अमीर अली के मध्य युद्ध। इसमें वीरों ने केसरिया तो किया लेकिन जौहर नहीं हुआ। इसलिए इसे अर्द्ध साका कहा जाता

जैसलमेर के बारे मे और भी पड़े:

 ⏩जैसलमेर दुर्ग मे राजस्थान में चित्तौड़गढ़ दुर्ग के बाद दूसरा ,सबसे, बड़ा 'लिविंग फोर्ट' हे । 

⏩बादल विलासः जैसलमेर किले के दक्षिण में निर्मित्त पाँच मंजिले भवन का निर्माण कर सिलावटियों ने इसे 1830 ई. में जैसलमेर के तत्कालीन रावल महाराजा श्री बेरीसाल को भेंट किया था। दुर्ग के हस्तलिखित ग्रंथों का सबसे बड़ा संग्रह जैन आचार्य जिनभद्रसूरी के नाम पर 'जिनभद्रसूरी ग्रंथ भंडार' कहलाता है।

 अन्य स्थल :
⏩बड़ा बाग (शाही स्मारक), अमरसागर झील, मूल सागर, ताजिया टावर, गड़सीसर झील, थार का रेगिस्तान , आदि।



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