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शिक्षा मनोविज्ञान

⏩'शिक्षा मनोविज्ञान' मनोविज्ञान की एक स्वतंत्र शाखा है, जिसके अन्तर्गत शैक्षिक परिवेश में व्यक्ति की क्रियाओं के
व्यवहार का अध्ययन किया जाता है।
शिक्षा का अर्थ

'शिक्षा' 👉शब्द संस्कृत के 'शिक्ष' धातु से बना है

 'शिक्ष' 👉का अर्थ है सीखना अथवा ज्ञान प्राप्त करना ।

⏩अंग्रेजी पर्याय एड्यूकेशन (Education) से बना है। जो लैटिन भाषा के एड्यूकेटम (Educatum) से बना है


अतः एड्यूकेशन का शाब्दिक अर्थ है


शिक्षा की प्रमुख परिभाषाएं

💠विवेकानंद -👉"मनुष्य की अन्तर्निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति ही शिक्षा हे 

💠गांधी 👉"बालक और मनुष्य के शरीर, मन और आत्मा में निहित सर्वोत्तम शक्तियों के सर्वांगीण प्रकटीकरण को ही शिक्षा कहते है।"

💠पेस्टालॉजी -👉"शिक्षा मनुष्य की समस्त शक्तियों का स्वाभाविक, प्रगतिशील एवं विरोधहीन विकास है।"

💠क्रो एवं क्रो👉 “शिक्षा व्यक्तिकरण एवं समाजीकरण की वह प्रक्रिया है। जो व्यक्ति की व्यक्तिगत उन्नति तथा समाजोपयोगिता को बढ़ावा देती है।"
    शिक्षा मनोविज्ञान व्यक्ति के जन्म से लेकर वृद्धावस तक के सीखने सम्बन्धी अनुभवों का वर्णन और व्याख्या करता

💠जैन दर्शन - 👉"शिक्षा वह है जो मोक्ष की प्राप्ति कराए।"

💠बौद्ध दर्शन 👉- "शिक्षा वह है जो निर्वाण दिलाए।"

💠टैगोर👉 "उच्चतम शिक्षा वह है जो हमें केवल सूचना ही नहीं देती वरन् हमारे जीवन के समस्त पहलुओं को सम तथा सुडौल बनाती है।"

💠रूसो.👉"जीवन ही शिक्षा है। "

💠अरस्तू -👉'स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण ही शिक्षा है।"

💠हरबर्ट स्पेन्सर -👉"अच्छे नैतिक चरित्र का विकास ही शिक्षा है।"

💠जॉन डेवी👉“शिक्षा व्यक्ति की क्षमताओं का विकास है, जिनकी सहायता से वह अपने वातावरण पर नियंत्रण करता हुआ अपनी सम्भावित उन्नति को प्राप्त करता है।"

💠नन के अनुसार👉"शिक्षा व्यक्ति की व्यक्तिकता ऐसा पूर्ण विकास है जिसके द्वारा वह अपनी पूर्ण योग्यता के अनुसार मानव जीवन को मौलिक योगदान कर सके।"
🔷 शिक्षा मनोविज्ञान

💠क्रो एण्ड क्रो👉‘शिक्षा मनोविज्ञान व्यक्ति के जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक के सीखने सम्बन्धी अनुभवों का वर्णन और व्याख्या करता हे | 

💠स्किनर👉“शिक्षा मनोविज्ञान, मनोविज्ञान की वह शाखा है जो शिक्षण एवं सीखने से सम्बन्धित है। "

💠पील महोदय -👉“शिक्षा मनोविज्ञान शिक्षा का विज्ञान है जो शिक्षक को अपने शिष्यों के विकास, उनकी क्षमताओं के विस्तार एवं सीमाओं, उनके सीखने की प्रक्रियाओं तथा उनके सामाजिक सम्बन्धों को समझने में सहायता करता है।"

💠कॉलसनिक -👉“शिक्षा मनोविज्ञान, मनोविज्ञान के सिद्धांतों एवं शोधों का शिक्षा में उपयोग है।"

💠स्काउट👉"मनोविज्ञान द्वारा शिक्षा के सिद्धांतों को दिया जाने वाला मुख्य सिद्धांत यह कि नवीन ज्ञान का विकास पूर्व ज्ञान के आधार पर किया जाना चाहिए।" 

💠डेवर👉"शिक्षा मनोविज्ञान प्रयुक्त मनोविज्ञान की एक ऐसी शाखा है जो शिक्षा में मनोवैज्ञानिक नियमों एवं परिणामों के उपयोग से तथा साथ, शिक्षा की समस्याओं के मनोवैज्ञानिक अध्ययन से सम्बंध होती है।"

💠ब्राउन -👉"शिक्षा के द्वारा मानव व्यवहार में परिवर्तन किया जाता है। तथा मानव व्यवहार का अध्ययन ही मनोविज्ञान कहलाता है।"

💠 जे.एम. स्टीफन👉“शिक्षा मनोविज्ञान, शैक्षिक विकास का क्रमिक अध्ययन है।"

💠ट्रो👉'शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षिक परिस्थितियों के मनोवैज्ञानिक पक्षों का अध्ययन है।"

💠लिन्ग्रेन👉"मनोविज्ञान ऐसा विज्ञान है जिसका संबंध मानव आचरण के अवबोध से है और शिक्षा मनोविज्ञान, शिक्षकों को शिक्षण तथा अधिगम की समस्याओं को समझने में सहायता करने वाला व्यवहारिक विज्ञान है।"

💠 सौरेन्सन👉"शिक्षा मनोविज्ञान वह क्षेत्र है जो मनोविज्ञान का व्यवहार शैक्षिक प्रक्रियाओं तथा विद्यालयीय विषयों के अध्यापन में करता है। "

🔷अतः शिक्षा का अर्थ हुआ ⏩"व्यक्ति की अंतर्निहित शक्तियों को प्रकाश में लाना, उनको विकसित करना और उन्हें समुचित दिशा में निर्देशित करना"

👉 शिक्षा मनोविज्ञान की तुलना एक इंजीनियर से की जा सकती है। इंजीनियर तकनीकी विशेषज्ञ होता है जो अपने कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित कार्यों जैसे पुल व सड़क बनाना इत्यादि के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं तकनीकी जानकारी प्रदान करता है। ठीक उसी प्रकार से शिक्षा मनोवज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में एक तकनीकी विशेषज्ञ होने के नाते निम्न कार्यों के लिए आवश्यक जरूरी सिद्धान्त, नियम तथा विधियाँ प्रदान करता

1. शैक्षिक पृष्ठभूमि में विद्यार्थी के व्यवहार को समझने के लिए। 

2. उसके व्यवहार में उचित परिवर्तन करके व्यक्तित्व का सर्वोगोन्न विकास माना जाता है | 

🔷शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति

👉सर्वसम्मति से शिक्षा मनोविज्ञान को शिक्षा का विज्ञान माना जाता है।

🔷पक्ष में तर्क👉

1. शिक्षा मनोविज्ञान में अध्ययन तथा अनुसंधान करने में विज्ञान की तरह तर्क संगत, वस्तुपरक तथा पक्षपात सहित दृष्टिकोण का प्रयोग करते हुए वैज्ञानिक विधि का सहारा लिया जाता है।

2. वस्तुगत अवलोकन तथा प्रेक्षण पर जोर दिया जाता है। 

3. प्रयोग व परीक्षण में पर्याप्त वैद्यता, वस्तुनिष्ठता तथा
विश्वसनीयता रखी जाती है।

4. शिक्षा मनोविज्ञान में विज्ञान की तरह आगे की भविष्यवाणी की जा सकती है। बालक को आगामी वृद्धि एवं विकास का मार्ग दिखाया जा सकता है।

5. उसके पास जो वातावरण तथा क्षमताएं है, उसके आधार पर उसके किसी क्षेत्र विशेष में मिलने वाली सफलता का पूर्व अनुमान लगाया जा सकता है।

🔷शिक्षा मनोविज्ञान का क्षेत्र

1. शिक्षार्थी -👉

1. व्यक्तिगत भिन्नताएं एवं उनका मापन

2. व्यक्ति की जन्मजात योग्यताएं

3. उसका आन्तरिक बाह्य चेतन, अचेतन एवं अर्द्धचेतन व्यवहार

4. वृद्धि एवं विकास


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