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fossil | Types of Fossils | fossil gen 5 | fossil india | जीवश्म के प्रकार | जीवाश्म किसे कहते हे

जीवाश्म हिंदी में |  fossil in english  


जीवाश्म। जीवाश्म शब्द की उत्पत्ति फेडेरे शब्द से हुई है जिसका अर्थ हे जोड ना !
 ऐसे पौधे जो विघटन से बच गए है और वे अवसादी चट्टानों की विभिन्न परतो पर परिरक्षित पाए जाते है ऐसे पौधे तथा उनके अंगों को जीवाश्म कहते हैं!

जीवाश्म के प्रकार =


(1) संपीड जीवाश्म = यह संभवत सामान्य प्रकार के जीवाश्म है जैसा नाम से स्पष्ट है इन जीवाश्मों का निर्माण पौधे तथा उनके किसी अंग के अवसादो में दबने फलस्वरूप हुई है दबे हुए अंग दबाव तथा संपीदन के कारण चपटे हो जाते है परंतु यदि संपीदित पादप अंग पतला व चपटा होतो उनके आकार में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होता
इनमें कोशिका के संरचनात्मक विवरण परिलक्षित नहीं होते
पूरा वनस्पति वैज्ञानिक ने संपीड जीवाश्म का उपयोग जीवाश्म पौधों की बाह्य आकार के अध्ययन में किया


(2) अश्मीभूताश्म जीवाश्म = अश्मीभूताश्म जीवाश्म में बाह्य व आंतरिक संरचना दोनों परीक्षित रहती है उसे अश्मीभूताश्म जीवाश्म कहते हैं इसकी कोशिकाएं सूक्ष्मदर्शी वारा देखने पर जीवित दिखाई देती हैं इस जीवाश्म का निर्माण उत्तक में लगभग 20 (खनिज कार्बोनेट सल्फेट सिलीकेट फास्फेट आदि) के रूप में प्रतिस्थापन होता है जीवित पादप में पाए जाने वाले पदार्थों जैसे लिग्निन सेल्यूलोज आदि भी सूक्ष्म दर्शी मैं देखने पर दिखते हैं अध्ययन के लिए यह सबसे उपयोगी जीवाश्म हैं परंतु यह दुर्लभ हैं !


(3) पर्पटाश्म जीवाश्म= इस प्रकार के जीवाश्म मैं पूरे पादप काय के चारों और कठोर आवरण पाया जाता है इस जीवाश्म में पादप अंगों के बाह्य स्वरूप पूर्ण परिलक्षित रहते हैं यह पादप अंगों की सतह पर कार्बोनेट आदि खनिज योगी को के अवक्षेपण से बनते हैं इनमे अश्मीभूताश्म जीवाश्म की तरह पौधे के कार्बनिक पदार्थ सैलूलोज लिग्निन तथा कोशिकीय विवरण नहीं पाय जाते हैं यह जीवाश्म पौधे की आकारिकी के अध्ययन के लिए उपर्युक्त हैं!


(4) मुद्राश्म जीवाश्म = ये जीवाश्म अवसादो अथवा उनके अंगों कि केवल चार होते हैं इनमें संपिड जीवाश्म की तरह कार्बनिक पदार्थ नहीं पाए जाते हैं इन जीवाश्म की सहायता से विभिन्न पादप अंग पति फूल स्तंभ कि बाह्य सरचनाओ का अध्ययन किया जाता है मिट्टी मैं यह पौधों के दबने के बाद पादप अंग नष्ट हो जाते हैं तथा उनकी केवल छाप सुरक्षित रहती है! 


(5) सहन जीवाश्म अथवा ममीक्रत पादप = ये जीवाश्म पादप अंगों के मध्य परस्पर डॉग तथा प्रेशर से बनते हैं कुछ पादप अंग जैसे चर्मिल पत्तियां तथा कठोर फल तथा बीज मम्मी कृत आकृति मैं परीक्षित हो जाते हैं इन जीवाश्म में रासायनिक पदार्थों का अध्ययन किया जाता है सूक्ष्मदर्शी द्वारा अध्ययन करने के लिए इनके परिछेद कटे जा सकते है! 


(6) कोल बॉल= लगभग गोलिय आकार के अश्मीभूत पादप अंग को कोल बोल कहते है कोयले में उपस्थित अधिकांश जीवाश्म इस रूप में पाए जाते हैं इस जीवाश्म का निर्माण दबे हुए पादप अंगों में कैल्शियम कार्बोनेट मैग्निशियम कार्बोनेट आयरन सल्फाइड आदि के परस्पर क्रिया के दौरान होता है यह पादप अंगों को कोयले में परिवर्तित होने से रोकते हैं अतः यह कोल बोल के रूप में पाए जाते हैं इनका आकार गोल अथवा और अनियमित होता हैकोल बोल भू वैज्ञानिक काल मैं पाई जाने वाले पादप समुदायों के विषय में महत्वपूर्ण सूचना देते


(7) एम्बर= यह वास्तव में कुछ शंकु धारी वृक्षों का रेजिन है जो पेड़ों के क्षतिग्रस्त अंगों से निकलकर वनों की भूमि पर एकत्रित हो गया था तथा इन रेजिन में अनेक छोटे पौधे व जीव फस गए है या परिलक्षित हो गए इसी कारण नंबर को जीवाश्म में सम्मिलित किया गया है 


(8) पर्ण कोल अथवा पेपर कोल = पत्तियों के आंतरिक उत्तक को के नष्ट हो जाने के कारण यह वास्तव में क्यूटिकल की पर तो के रूप में पाए जाते हैं! 


(9) वास्तविक अवशेष = कुछ पादप अंग विशेष रूप से बिजानुओ की भित्ति और कयूटिकल का कम तापमान वायु की अनुपस्थिति अथवा प्राकृतिक पदार्थों के प्रति प्रतिरोधी होने के कारण उनका विगटन नहीं हो पाता तथा यह जीवाश्म अपनी वास्तविक अवस्था में ही पररक्षित हो गए 


(10) कूट जीवाश्म = कभी कभी कुछ चट्टाने किसी पादप अंग तथा प्राणी का रूप ले लेते हैं जिससे इन्हें अनेक पूरा वनस्पति वैज्ञानिक को द्वारा जीवाश्म समझा गया परंतु इनके विस्तृत अध्ययन से ज्ञात हुआ कि यह कोई पादप अंग तथा प्राणी या जी नहीं है यह तो केवल चट्टाने हैं !


जीवाश्म
fossil
fossil gen 5
petrified wood

In English 👇👇

fossil

 Fossil = The origin of the word fossil is derived from the word Fadere, which means no joint!
  Plants that have survived decomposition and are found preserved on different layers of sedimentary rocks, such plants and their parts are called fossils.

 type of fossil


 (1) Compressed fossil = This is probably a common type of fossil, as the name suggests, these fossils have been formed as a result of being buried in the sediments of plants and any of their parts, the buried parts become flattened due to pressure and compression, but if compressed plants If the organs are thin and flattened, there is no significant change in their shape.
 They do not reflect the structural details of the cell.
 Complete botanist used compressed fossil to study the external shape of fossil plants


 (2) litholithic fossil = both the external and internal structure are tested in the litholithic fossil, it is called litholithic fossil, its cells appear alive on seeing the microscope, the formation of this fossil in the form of about 20 (mineral carbonate sulfate silicate phosphate etc.) Substances found in living plants, such as lignin, cellulose, etc., are also visible under the microscope, these are the most useful fossils for study but they are rare!


 (3) lithic fossil = in this type of fossil, hard cover is found around the whole plant body, in this fossil the external form of the plant organs is fully reflected, it is formed by the precipitation of carbonate etc. In these, the organic matter of the plant, cellulose, lignin and cellular details are not found like the mesolithic fossil, these fossils are suitable for the study of the morphology of the plant.


 (4) Mudrashma Fossils = These fossils are only four of sediments or their parts, in which organic matter is not found like compact fossils, with the help of these fossils, the external structures of various plant organs husband flower pillars are studied in the soil. After the suppression of the plants, the plant organs are destroyed and only their imprint remains intact!


 (5) Bear fossils or mummified plants = These fossils are formed by mutual dog and pressure between plant organs, some plant parts such as leathery leaves and hard fruits and seeds are tested in mummified shape. Chemical substances are studied in these fossils. Their circumferences can be cut for study by microscope.


 (6) Coal ball = almost spherical shaped calcified plant organ is called coal ball, most of the fossils present in coal are found in this form, this fossil is formed during the interaction of calcium carbonate, magnesium carbonate iron sulfide etc. in buried plant organs. It happens that it prevents the conversion of plant organs into coal, so they are found in the form of kol bol, their shape is round or irregular. Kol bol gives important information about the plant communities found in geological time


 (7) Amber = It is actually the resin of some coniferous trees which came out of the damaged parts of the trees and collected on the forest land and many small plants and animals got trapped or got reflected in these resins, that is why the number was called incorporated into the fossil


 (8) Leaf cole or paper cole = due to the destruction of the inner tissue of the leaves, it is actually found in the form of cuticle key!


 (9) Actual remains = Some plant parts, especially the wall and cuticle of Bijanuo, due to the absence of low temperature air or resistance to natural substances, they cannot be decomposed and these fossils were preserved in their original state.


 (10) Code fossil = Sometimes some rocks take the form of any plant organ and animal, due to which many complete botanists were considered as fossils, but from their detailed study it was known that it is not a plant organ and animal or living thing. So there are only rocks!

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