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बकरी की नस्ले 


बकरी से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य 

बकरी काZoological name  = कापरा हिरकस
 
बकरी में गुणसुत्र= 60

◆बकरी का उपनाम = गरीब की गाय( गांधी जी ने कहा था), रनिंग डेयरी, चलता फिरता फ्रीज ,रेगिस्तान का फ्रिज ,वनस्पति का शत्रु, डबल ATM 

◆बकरी के समूह को = फ्लॉक,ट्रिप, बैंड कहते हैं।

◆बकरियों में वयस्क नर को= बक,बिली ।
 
◆बकरियों में वयस्क मादा को= नैनी, गोट | 

◆बकरी का नवजात बच्चा = किड कहलाता है ।

बकरी का मांस = चेवन, चेवनी।

◆बकरी में यौवनारंभ या प्रजनन =8 से 10 माह (आयु )इस बकरी को नैनी कहते हैं  व्यस्त बकरी जो प्रजनन के लिए उपर्युक्त हो 

◆बकरी का मद काल अवधि = 2 से 3 दिन

◆बकरी का मद चक्र अवधि= 21 दिन 

◆कबरी की संभोग  क्रिया = सर्विंग 

◆बकरी का गर्भ काल की अवधि= 150 से 152

◆बकरी में बच्चे को जन्म देने की क्रिया = कीडिंग।

◆बकरी के घर को = पेन या बड़ा कहते हैं ।

◆बकरी की आवाज को= बीट कहते हैं ।

◆बकरी की नाडी= 70 से 80 प्रति मिनट धड़कती है इसे फेमोरल धमनी से मापते हैं।

बकरी के दूध की प्रकृति = क्षारीय

◆बकरी के दूध में गंध= कैप्रिक एसिड के कारण होती है।

◆बकरी के घर में T. B. रोगी के प्रतिरोधी जीवाणु होते हैं ।बकरी का दूध सामान्यत बाई ओर से निकाला जाता है।

भारत में कुल बकरियां= 14. 88 करोड़ 

भारत में सबसे अधिक बकरियां =राजस्थान( 2 .08 करोड़)

राजस्थान में सर्वाधिक बकरियां=  बाड़मेर

◆ राजस्थान में न्यूनतम बकरिया = धौलपुर 

◆राज्य में सबसे बड़ा बकरी प्रजनन फार्म= बलेखन (सीकर)
केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान = मकदूम (up)मथुरा 
◆बकरी एवं चारा अनुसंधान केंद्र= रामसर गांव अजमेर( 1982)
बकरी एवं भेड़ अनुसंधान केंद्र = अविकानगर (टोंक )
◆वरुण गांव नागौर बकरियों के लिए प्रसिद्ध है ।
     

      

             बकरियों की प्रमुंख नस्ले

             
(1) जमुना पूरी (जमनापारी )
उत्पत्ति स्थान= इटावा( यूपी )
जमुना पूरी का विस्तार = चंबल, यमुना नदी के आसपास का क्षेत्र
जमुना पूरी का राजस्थान में  = भरतपुर ,धौलपुर
जमुना पूरी की शारीरिक विशेषता =
यह आकार में सबसे बड़ी बकरी की नस्ल है ।
जमुना पूरी की रोमन नाक पाई जाती हैं ।
चेहरे की बनावट तोते जैसी होती हैं ।
जमुना पूरी का रंग = भूरा 
जमुना पूरी में द्वी प्रयोजनीय नस्ल ( मांस व दूध )
गर्दन लंबी, पिछले पैरों पर बाल होते हैं ।
जमुना पूरी के लंबे लटकते कान होते है ।
ग्रामीण इलाकों में पालने के लिए सबसे उपयुक्त।
 उपयोगिता = दूध उत्पादन 1.5 से 2 किलोग्राम प्रति दिन
 इस नस्ल को जादुई बकरी कहते हैं।
 वसा = 3 .5 से 5%
भार= नर=90 kg , मादा = 60 kg

( 2 )बारबरी =
 बारबरी का उपनाम = शहर की कामधेनु ,डेयरी बकरी, सिटी गोट के नाम से जानी जाती हैं।
बारबरी की उत्पत्ति स्थान = पूर्वी अफ्रीका  (सोमानिया का बरबरा क्षेत्र)
 बारबरी का विस्तार = दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश 
बारबरी का राजस्थान में सर्वाधिक= अलवर ,भरतपुर 
बारबरी की शारीरिक विशेषता=
 शरीर त्रिकोनाकार आकार का होता हैं।
सबसे सुंदर नस्ल की बकरी ।
बारबरी का रंग= सफेद( कत्थई रंग के धब्बे )
स्टॉल के लिए उपयुक्त
 शहरी क्षेत्रों में बांधकर पाली जाने वाली सबसे उपर्युक्त बकरी है 
एक बार में 2 बच्चे देती हैं 12 से 15 माह में दो बार बच्चे देती है( हर बार जुड़वा बच्चे देती हैं)
 बारबरी के कान = छोटे हिरण के समान होते है 
द्विप्रयोजनी नस्ल है
 दूध उत्पादन = 1 से 1.5 किलोग्राम प्रति दिन 
वसा 4 .5 से 5% 
बकरे का वजन = 38 kg , बकरी का वजन =28 kg

(3) बीटल
बीटल का उत्पत्ति स्थान = गुरदासपुर (पंजाब )
बीटल का विस्तार= पंजाब ,पाकिस्तान
बीटल की शारीरिक विशेषता=
बीटल का रंग काला (कत्थई रंग के धब्बे )
 नर पशु में दाढ़ी पाई जाती हैं ।
लंबे कान एवं सिंग पीछे की ओर मुड़े हुए होते हैं ।
रोमन नाक (जमुना पूरी नस्ल के समान )
उपयोगिता= द्विप्रयोजनी नस्ल
 दूध =  1.8 किलोग्राम प्रति दिन 
वसा 4 .5%

(4)  टोकन बर्ग =
टोकन बर्ग की उत्पत्ति स्थान= टोकनवर्ग बड़ी( स्विजरलैंड )
टोकन बर्ग की शारीरिक विशेषता =
टोकन बर्ग का रंग भूरा (कत्थई रंग के धब्बे )
सिंग रहित एवं रंग चॉकलेट जैसा।
 टोकन बर्ग के पिछले हिस्से पर घने लंबे बाल।
टोकन बर्ग के घुटने के नीचे के पैर सफेद ।
सबसे लंबा दूधकाल इस नस्ल का होता है।
 दउपयोगिता= दूध =5से 6 किलोग्राम प्रति दिन ।
वसा=  3 से 4 %
 इस नस्ल में नियमित रूप से दूध देने की क्षमता होती है। (लगभग 2 वर्ष)
 
(5) सिरोही
उत्पत्ति स्थान=  सिरोही (राजस्थान), पालनपुर( गुजरात)
 विस्तार=  अजमेर ,भीलवाड़ा ,उदयपुर 
शारीरिक विशेषता = पीठ पर हल्का जुकाम होता है। ढलान दार या धनुषाकार पिट होती हैं ।
कान लंबे बाल लटकते हुए।
 पूछ मुड़ी हुई घने बालों से ढकी हुई ।
उपयोगिता = 
द्विप्रयोजनी नस्लें ।
दूध उत्पादन = 1 से 1.5 किलोग्राम प्रति दिन 
वसा = 4% 

         बकरी की अन्य महत्वपूर्ण नस्लें

                  
(1)सानेन =
 उत्पत्ति स्थान=  स्विजरलैंड ।
विश्व में सबसे कम गर्मी सहन करने वाली बकरी की नस्ल ।
रंग =सफेद, हल्का भूरा या क्रीम ।
इसके नाक, कान अयन पर काले धब्बे ।
दूध की रानी( मिल्क क्रीम )कहते हैं ।
नर व मादा दोनों में दाढ़ी पाई जाती हैं ।
दूध उत्पादन = 800 लीटर प्रति ब्याज 
वसा 4%

(2) अंगोरा
उत्पत्ति स्थान = टर्की ( मध्य एशिया ) 
अच्छे प्रकार का रेशा जिसे मोहर कहते हैं ।
अंगोर किस्म की ऊन= खरगोश से प्राप्त होती हैं ।

(3)मारवाड़ी =
उच्च रोग प्रतिरोधक क्षमता ।

(4) मालबरी = केरल।

(5)  ब्लैक बंगाल= पश्चिम बंगाल ।

(6) चंग चगी
अन्य नाम=  पश्मीना 
पश्मीना ऊन प्राप्त होता है ।
लद्दाख या हिमाचल प्रदेश में पाई जाती हैं ।

(7) एल्गो  न्यूबियन
उपनाम = जर्सी गाय 
जमुनापारी मादा तथा न्यूबियन नर से प्राप्त नस्ल ।


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