भेड़ो की नस्ले | भेड़ो का विस्तार से वर्णन | भेड़ की जानकारी हिंदी में | Sheep Breed | Description of sheep breeds

पशुपालन में भेड़ो की प्रमुख नस्ले


     🐑  भेड़ की नस्ले 🐑

⏬भेड़ो के महत्वपूर्ण तथ्य⏬
     
भेड़ का Zoologycal name = ओविस एरीज
भेड़ो में गुणसुत्र= 54
कुल= बोविडी 
भेड़  को परजीवीओ का म्यूजियम कहा जाता है 
भेड़ो को गरीब का मोबाइल भी कहते हैं 
भेड़ो को स्थानीय भाषा में =गार्डन ,गारो , लरड़ी ( मादा भेड़ को )   नर भेड़ को  मिंडा कहते हैं

भेड़ के छोटे बच्चे को= उन्या, ऊनी या लैंब 
प्रोठ नर को = रैम
प्रोठ मादा को = इब/डेम 
बंधियाकृत नर= बीडर 
भेड़ की संभोग की क्रिया को = टपिंग कहते है|
नर भेड़ के बच्चा देने की क्रिया= लेंबिंग 
पशु का समुह= फ्लॉक
मांस= मटन
भेड़ में पूछ काटने की क्रिया=डाकिंग
भेड़ में ऊन उतरने की क्रिया = शेयरिंग (प. राजस्थान मे लव कहते है!

भेड़ की आखों के चारो और की उन उतरने की क्रिया को = आईन कहते है!
मरी हुईं भेड़ की ऊन उतारने की क्रिया = पुल्ड ऊन 
2020 पशु गणना के अनुसार सबसे अधिक भेड़े=ऑस्ट्रेलिया |

भारत मे सबसे अधिक भेड़


(1. )तेलंगाना (2.)आंध्रप्रदेश (3) कर्नाटक (4) राजस्थान |

राजस्थान में सबसे अधिक भेड़ = बाड़मेर
                 सबसे कम= बांसवाड़ा
भारत में कुल भेड़ों की संख्या = 7.42 करोड 
राजस्थान में कुल भेड़ों की संख्या= 0.79 करोड़
विश्व में कुल भेड़ों की मान्यता प्राप्त नस्ले= 200
भारत में भेड़ों की मान्यता प्राप्त नस्ले= 42
भारत में भेड़ो से  सर्वाधिक ऊन का उत्पादन= राजस्थान मे होता है|
उन विश्लेषण प्रयोगशाला= बीकानेर
गलीचा प्रशिक्षण केंद्र= बीकानेर 
विश्व प्रसिद्ध गलीचे =बीकानेर जेल 
एशिया महाद्वीप की सबसे बड़ी ऊन मंडी= बीकानेर 
केंद्रीय भेड़ प्रजनन केंद्र =हिसार (हरियाणा )
केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड =जोधपुर(1987)
भेड़ एवं ऊन प्रशिक्षण केंद्र= जयपुर 
केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान केंद्र=अविकानगर(मालपुरा) टोंक 
विदेशी ऊन आयात निर्यात संस्था= कोटा 
नवीनतम भेड़ प्रजनन केंद्र =बाकलिया (नागौर)

भेड़ो की  प्रमुख नस्ले 
                 
विश्व में सबसे बड़ी भेड़ की नस्ल =लीनकॉलन (इंग्लैंड )
भारत में सबसे ऊंची भेड़ की नस्ल= नेल्लोरी 
मटन के लिए सर्वोत्तम नस्ल = देक्कनी
विश्व की सबसे लंबी भेड़= लोही( पाकिस्तान )
पर्वतीय क्षेत्र में बोझा ढोने के लिए सबसे अच्छी नस्ल= गद्दी प्रथम क्लोन भेड़ =डोलि ( डॉक्टर इयान द्वारा बनाई गई )

भेड़ो की नस्लों का वर्णन
                            
(1) मारवाड़ी=
उत्पत्ति स्थान =जोधपुर ,पाली जिला (राजस्थान )मारवाड़ क्षेत्र शारीरिक विशेषता= यह सबसे लंबी दूरी तय करने वाली भेड़ की नस्ल है| 
यह नस्ल रेगिस्तान में पहाड़ी क्षेत्रों के लिए सबसे अच्छी है |
नर व मादा के सिंग नहीं होते हैं|
 रोग प्रतिरोधक क्षमता सबसे अधिक होती हैं |
पैर लंबे व मजबूत व फुर्तीली होती है|
 रंग सफेद व चेहरा काला| 
इस भेड़ की ऊन को  यूरोपियन देशों में जोरिया कहते हैं |
यह राजस्थान में सर्वाधिक पाए जाने वाली भेड़ की नस्ल है| (50%)
         उत्पादन 
 1.5 से 2.3 किलोग्राम प्रति वर्ष 
           भार
नर=27 से 36 किलोग्राम
 मादा =23 से 30 किलोग्राम

(2) चोकला
उत्पत्ति स्थान= शेखावटी क्षेत्र सीकर ,चूरू ,झुंझुनू 
अन्य नाम = राजस्थान की मेरीनो, शेखावटी ,छापर ,भारतीय मेरीनो l 
शारीरिक विशेषता=
 ऊंचाई व लंबाई समान होने के कारण वर्गाकार भेड़ कहते हैं| नाक रोमन( जैसलमेरी के समान)
 शरीर का रंग सफेद लेकिन चेहरे का रंग काला |
यह नस्ल सबसे अच्छी गुणवत्ता की उन उत्पादन करती हैl
 इस भेड़ में मेमनो की मृत्यु दर सबसे अधिक है| 
 राजस्थान में यह सिंगरहित नस्ल है 
कान नाली नुमा होते हैं l
ऊन उत्पादन =
1. 5 से 2 .5 किलोग्राम प्रति वर्ष 


(3)मालपुरा=
 उत्पत्ति स्थान =टोंक मालपुरा तहसील 
विस्तार= टोंक, बूंदी ,जोधपुर, अजमेर 
शारीरिक विशेषता= यह नस्ल मांस व ऊन दोनों के लिए पाली जाती है लेकिन उन निम्न गुणवत्ता की होती हैंl
 कान सबसे छोटे
 उनका रेशा मोटा होता है|
 उनका उपयोग गलीचे बनाने में किया जाता है व नमदे बनाने भी किया जाता है 
यह सिंग रहित नस्ल है|
 इसके पैर ,चेहरा व पेट पर बाल नहीं पाए जाते हैं
 उपयोगिता=
उन  उत्पादन =1 .1 से 1 .6 किलोग्राम प्रति वर्ष 
भार
नर 30 से 34 किलोग्राम
 मादा 25 से 30 किलोग्राम


(4) मेरिनो
विदेशी नस्ल
उत्पत्ति स्थान =स्पेन 
राजस्थान में= टोंक ,जयपुर ,सीकर में प्रजनन के लिए पाली जाती है 
शारीरिक विशेषता = गर्दन व कंधे पर झुर्रियां व सलवटे पाई जाती है l 
इसकी मादा बिना सिंग की होतीहै तथा नर में सिंग पाए जातेहैं 
यह उन उत्पादन के लिए सबसे अच्छी नस्ल है |
विश्व में सर्वाधिक ऊन उत्पादक नस्ल है |
 इसकी उन पतली एवं लंबी होती हैं 
उपयोगिता =
ऊन उत्पादन= 5 से 9 किलोग्राम प्रति वर्ष 
मुंह से खून तक संपूर्ण शरीर बालों से ढका हुआ होता है|
इस नस्ल के द्वारा एवं इस नस्ल की संकर नस्ल ओ द्वारा विश्व का लगभग 80% ऊन प्राप्त किया जाता है ।
भार= 
नर =90 किलोग्राम
मादा= 70 किलो ग्राम


(5) काराकुल
उत्पत्ति स्थान= मध्य एशिया
 शारीरिक विशेषता=
 इसकी मादा बिना सिंग  की होती है तथा नर में सिंग पाए जाते हैं 
यह मांस के लिए उपयोगी है
 भार=नर 90 किलोग्राम 
मादा 60 किलोग्राम
 इसके मेमनो को छोटी सी उम्र में कारपेट बनाने के उद्देश्य से मार दिए जाते हैं 


(6)अविवस्त्र=
 उत्पत्ति स्थान =यह नस्ल केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर ,मालपुरा( टोंक )से विकसित की गई है
अवि वस्त्र =रेमबुलेट (नर) व  चोकला( मादा )
भार 6 महीने की उम्र में भार= 12 किलोग्राम 
1 वर्ष की उम्र में 23 किलोग्राम 
उपयोगिता 
ऊन उत्पादन= 2 से 4 किलोग्राम प्रति वर्ष
 वार्षिक जन्म दर 93%


(7)  अवी कालीन
 उत्पत्ति स्थान =केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर मालपुरा( टोंक)
 अविकालीन =मेरीनो तथा मालपुरा 
यह नस्लों उत्तम प्रकार की उन उत्पादन करती है
 जिसका उपयोग कालीन बनाने के लिए किया जाता है उपयोगिता=
 ऊन उत्पादन= 1.13 किलोग्राम
 टपिंग= 97% 
लेंबिग=21%


(8) जेसलमेरी
उत्पत्ति =जैसलमेर
 विस्तार= जोधपुर, बाड़मेर ,जैसलमेर ,बीकानेर 
विशेषता =
लंबी पूंछ, लंबे कान ,नाक रोमन होती हैं 
सबसे लंबी नस्ल= राजस्थान
 रंग सफेद मुंह काला
 वर्षा के बाद कतरी जाने वाली ऊन का रंग पीला हो जाता है (रेगिस्तानी नस्ल )रेगिस्तानी दृष्टि से श्रेष्ठ भेड़ l यह तीन-चार दिन बिना पानी पिए रह सकती है 
राजस्थान में सर्वाधिक उन  देने वाली भेड़ की नस्ल
 ऊन उत्पादन =1. 8 से 3 . 2 किलोग्राम प्रति वर्ष


(9) सोनाडी=
 इसे चनोतर भी कहा जाता है 
उत्पत्ति =उदयपुर व कोटा संभाग
 रंग =भूरा
 यह त्रिप्रयोजनी नस्ल है
 यह राजस्थान में दूसरी सर्वाधिक पाई जाने वाली नस्ल हे|
 सबसे लंबे कान वाली भेड़ है चढ़ते समय कान जमीन पर गिस्ते हैं 
दुग्ध उत्पादन =1से 1.5 किलोग्राम प्रति वर्ष
ऊन उत्पादन= 1.5से 2 किलोग्राम
ऊन का  उपयोग मालपुरा के समान गलीचे बनाने में किया जाता है 

                   🐑भेड़ो कीअन्य नस्ले 🐑
(1)पूगल 
अन्य नाम= बीकानेरी
 कालीन बनाने में उपयोगी 
 
(2) डेकानी
उत्पत्ति= महाराष्ट्र ,आंध्रप्रदेश
 मांस उत्पादन हेतु
 
(3)  नेल्लोरी =
आंध्र प्रदेश 
भारत की सबसे ऊंची नस्ल

(4) मगरा
 अन्य नाम =बीकानेरी चोकला
 चूरु ,नागौर में पाई जाती हैं|
 
(5) गद्दी
 जम्मू कश्मीर
 अन्य नाम= भाभरवाल
 रामपुर बुरियार
 बेलारी
 नीलगिरी
 
(6) नाली
 गंगानगर ,हनुमानगढ़
 इसकी उन पीले रंग की लगभग 2 से 4 किलोग्राम प्रति वर्ष 
 
(7) लोही
पाकिस्तान की नस्ल 
लंबे कानों वाली और लंबे आकार वाली भेड़ की नस्ल|



bhed ki nasle

bhed ki nasl pai jaati hai

bhed ki nasl kaun si hai

bhed ki nasl ka naam

bhed ki nasl trick

rajasthan me bhed ki nasl

rajasthan mein bhed ki nasl

भारत में भेड़ों की नस्लें

Chanothar kiski nasal hai

भेड़ की प्रमुख नस्लें राजस्थान

भेड़ों की मारवाड़ी नस्ल कौन से राज्य में पाई जाती है

भेड़ की सबसे ऊंची नस्ल

भैंस की प्रमुख नस्लें

छत्तीसगढ़ की भेड़ की नस्ल

भारत में सर्वाधिक भेड़ कहां पाई जाती है

सोनाली नस्ल की भेड़

भेड़ों की मारवाड़ी नस्ल कौन से राज्य में पाई जाती है

हिमाचल प्रदेश की भेड़ की स्थानीय नस्ल

गुजराती भेड़ की नस्ल


सोनाली नस्ल की भेड़ राजस्थान में कहां पाई जाती

है

छत्तीसगढ़ की भेड़ की नस्ल

सोनाली नस्ल की भेड़ कहां पाई जाती है

भेड़ की नस्ल

भेड़ की नस्ल राजस्थान

भेड़ की नस्ल की ट्रिक

भेड़ की ऊन का भाव

भेड़ की कीमत

भेड़ की जानकारी हिंदी में

भेड़ की सबसे ऊंची नस्ल

भेड़ की खाल में भेड़िया

भेड़ की खेती नस्ल

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ